रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सितंबर महीने के दौरान कुछ प्रमुख धार्मिक पर्वों के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री और मांसाहारी भोजन परोसने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाएगा। रायपुर नगर निगम ने सात अलग-अलग तिथियों के लिए आदेश जारी करते हुए पशुवध गृहों, मांस-मटन दुकानों के अलावा होटल, कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों को भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम का कहना है कि संबंधित धार्मिक पर्वों की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित दिनों में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं परोसने की अनुमति नहीं होगी।
महापौर के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रतिबंध से संबंधित आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, तय धार्मिक अवसरों पर शहर में मांस-मटन की बिक्री बंद रखनी होगी। यह प्रतिबंध केवल मीट शॉप या मांस-मटन विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल, कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों को भी निर्धारित तिथियों पर मांसाहारी भोजन की बिक्री और सर्विस बंद रखनी होगी।
सितंबर में इन 7 तिथियों पर रहेगा प्रतिबंध
नगर निगम द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में निम्नलिखित धार्मिक अवसरों पर मांस-मटन और नॉनवेज भोजन की बिक्री एवं परोसने पर रोक रहेगी—
4 सितंबर — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
7 सितंबर — पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस
14 सितंबर — श्री गणेश चतुर्थी
15 सितंबर — पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस
22 सितंबर — डोल ग्यारस
25 सितंबर — अनंत चतुर्दशी
26 सितंबर — पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा
होटल, कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों को भी मानना होगा नियम
नगर निगम के आदेश के तहत संबंधित तिथियों पर होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में भी मांसाहारी व्यंजन उपलब्ध नहीं कराए जा सकेंगे। निगम ने सभी संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इसका मतलब है कि प्रतिबंध वाले दिनों में न केवल मांस-मटन की दुकानों को बंद रखना होगा, बल्कि खाने-पीने के व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री और सर्विस रोकनी होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर हो सकती है कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित प्रतिबंधित तिथियों पर आदेश की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। दुकानदारों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को समय रहते व्यवस्था करने और निगम के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। निगम प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि धार्मिक पर्वों के दौरान जारी प्रतिबंध का प्रभावी ढंग से पालन हो।